इश्क़ सभी को…

इश्क़ सभी को जीना सीखा देता है,
वफ़ा के नाम पर मरना सीखा देता है.
इश्क़ नही किया तो करके देखो,
ज़ालिम हर दर्द सहना सीखा देता है…

बस कुछ अपनों को

कुछ उलझे सवालो से डरता हे दिल
जाने क्यों तन्हाई में बिखरता हे दिल
किसी को पाने कि अब कोई चाहत न रही
बस कुछ अपनों को खोने से डरता हे ये दिल

प्यार की अधूरी कहानी…

फ़ोन मेरी ज़िन्दगी का एक अहम् हिस्सा बन गया
फ़ोन पर मिली तू मुझे और प्यार का एक नया किस्सा बन गया

होती थी रोज मुलाकाते फ़ोन पर हमारी
तू मेरे दिल कि रानी मैं तेरे दिल का रजा बन गया


“I LOVE YOU श्रेया तुम्हारा अमित”

प्यार के चक्कर में

प्यार के चक्कर मे पड़कर,
हो गए हम बर्बाद |
सुबह उठा तब याद आया,
सात बजे से था Exam|

कॉलेज पहुँचा तो पता चला
हो गया आपका लाइफ खराब
प्रिन्सिपल खुद आया और बोला
“कैसे हो जनाब?!!!”

मिलना तो तुझसे…

बिन देखे मैं तुझसे प्यार कर बेठा,
बस यही गुनाह मैं एक बार कर बेठा
मिलना तो तुझसे मुकदर को मंजूर न था
ये सब जानते हुए मैं मोहब्बत तुझसे बेसुमार कर बेठा
अगर मंजूर हुआ मुकदर को तो फूल फिर खिलेंगे
बिछड़े हुए दो दिल फिर मिलेंगे
अगर मिल न पाये इस जनम में तो काया हुआ
ये आशिक़ है फिर मिलेंगे किसी और जानम में !