रोती हुई आँखो मे….

रोती हुई आँखो मे इंतेज़ार होता है,
ना चाहते हुए भी प्यार होता है,
क्यू देखते है हम वो सपने,
जिनके टूटने पर भी उनके सच होने
का इंतेज़ार होता है?…..

MAINE TUJHE KHUDA SAMJHA

तेरे साथ कितनी हसीन थी ज़िंदगी
अब तेरे बिना बस सज़ा है ज़िंदगी
तेरे साथ कितने मज़े में थी ज़िंदगी
अब तेरे बिना बड़ी बेमज़ा है ज़िंदगी
कभी तूने ही संवारी थी मेरी ज़िंदगी
फिर क्यों तूने उज़ाड़ दी मेरी ज़िंदगी
मैने हमेशा खुदा देखा तुझमें
क्यों खुदा ने बिगाड़ दी मेरी ज़िंदगी

शांती स्वरूप मिश्र

उदास दिल..

तेरा दिल उदास क्यों है?
तेरी आँखों में प्यास क्यों है?
जो छोड़ गया तुझे मझदार में ,
उससे मिलने की आस क्यों है ?
जो दे गया दर्द ज़िन्दगी भर का,
वही तेरे लिए ख़ास क्यों है ??
Devdas