बदल जाएगी……

छू ले आसमान ज़मीन की तलाश ना कर,
जी ले ज़िंदगी खुशी की तलाश ना कर,
तकदीर बदल जाएगी खुद ही मेरे दोस्त,
मुस्कुराना सीख ले वजह की तलाश ना कर

जान पर खेल कर…

पागल हे वो लोग जो अपने लवर को मिस किया करते हे
अरे!! मिस करना हे तो मच्छर को करो
जो अपनी जान पर खेल कर आप को किस किया करते हे|

तक़दीर में…

अपनी तक़दीर में तो कुछ ऐसा ही सिलसिला लिखा है,
किसी ने वक़्त गुजारने के लिए अपना बनाया,
तो किसी ने अपना बना कर वक़्त गुज़ार लिया……..


सुरिंदर टाक